चाचा नेहरू
नमस्कार!
हालचाल ठीक है न
आज १४ नवम्बर को भारत बाल दिवस मनाता है . जब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अपने जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में प्रस्तावित किया तबसे अब तक भारत के बच्चों की स्थिति में बहुत सुधार हो चुका है. लेकिन विश्व परिदृश्य की तुलना में भारतीय बालकों की स्थिति में अभी भी बहुत सुधार की आवश्यकता है.
भारत ही नहीं पूरे विश्व के बच्चों के लिए शुभकामनाएं.
आज का भारत नेहरू के सपनों को तोड़ने में लगा हुआ है. उनके सपनों की योजनायें एक एक कर बिक रही हैं. लोग सामान्यतः कहते हैं की कोई एक उदाहरण दिखाएँ . नेहरू की सफलताओं के कई उदाहरण देखे जा सकते हैं . लेकिन हम उन उदाहरणों के अनुसार काम नहीं करना चाहते हैं. मुख में राम बगल में छुरी जैसे सविधान में समाजवाद और व्यवहार वैश्वीकृत पूंजीवाद हमारी आज की आर्थिक नीति का सार है. समान काम के लिए समान वेतन की धज्जियां उडाई जा रहीं हैं.
नेहरू की आर्थिक नीति कोई एकमेव नीति नहीं है लेकिन जिस भी नीति से मानव के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो वही सही नीति है. नीतियों के पालन में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा रोग है. कुछ लोग कहते हैं इस भ्रष्टाचार का कारण तंत्र है.
चाहे जो हो नेहरू का योगदान इतना तो है की उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाय.
नमस्कार.
चाहे जो हो नेहरू का योगदान इतना तो है की उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाय.
नमस्कार.
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