Saturday, December 11, 2010
चर्चा में
Sunday, November 14, 2010
चाचा नेहरू
चाहे जो हो नेहरू का योगदान इतना तो है की उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाय.
नमस्कार.
Saturday, November 13, 2010
Friday, February 12, 2010
शिव एवं गण
नमस्कार
हालचाल ठीक है न।
आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। आज महाशिवरात्रि है। हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। पुराण कथाओं के अनुसार आज के दिन शिव का विवाह हुआ। आज के दिन शिव जी प्रसन्न रहते हैं। आशुतोष भगवान शिव के भक्तों के लिए भी प्रसन्नता का विषय है। स्नान भारतीय पर्वों का सबसे महान कार्य है। इसलिए भक्तगण पवित्र नदियों, सरोवरों कूपों में स्नान करने को आतुर रहते हैं। भक्त गण आपस में प्रतियोगी भी हो जाते हैं। इस प्रतियोगिता में कुछ अप्रिय भी हो जाया करता है।
इस वर्ष हरिद्वार में कुम्भ स्नान का वर्ष है। आज वहां पर प्रथम शाही स्नान हुआ। साधु संतों का शाही स्नान नाम सुनकर कुछ अटपटा लगता है। स्नान का सबसे बड़ा पुण्य स्थल हरिद्वार में ब्रह्म कुण्ड है। इस स्थान पर शाही स्नान के लिए साधु समाज में भी प्रतियोगिता होती है। प्रशासन को नाकों चना चबा लेना पड़ता है। आज यहाँ स्नान जूना अखांड़े के संतो साधुओं नागाओं के स्नान से प्रारम्भ हुआ। वहां उपस्थित लोगों ने भी देखा दूसरों ने दूरदर्शन की कृपा से देखा ।
दूर से देखने पर कभी लगता है की ये क्या हो रहा है भाई? लेकिन मानव के जीवन में इस तरह के अनुभव भी बड़े काम के लगते हैं। अगर शरीर साथ दे तो इस प्रकार के अनुभव बड़े काम के होते हैं। धर्म का अफीम भी कभी कभी बड़ा लाभ करता है।
आज भारत में जनतंत्र की एक झूठी परीक्षा का दिन भी रहा। पूरे महाराष्ट्र की सरकार, केंद्र सरकार विशेष कर कांग्रेस आज मुम्बई में अभिनेता शाहरुख खान की फिल्म माय नेम इज खान के प्रथम प्रदर्शन के लिए परेशान रहे। भारतीय जनतंत्र की एक अनोखी राजनैतिक पार्टी शिवसेना अपना बल दिखाती रही। मीडिया वाले आज दिन भर लोकतंत्र की जीत हार कराते रहे।
जनतंत्र हर ओर से हारता रहा। राजनैतिक दल व नेता जीतते रहे, आदमी हारता रहा। पत्रकार भी जीत गए। फिल्म भी जीत गयी। हीरो का दाम बढ़ गया। शरद पवार की पार्टी और शिवसेना का तालमेल थोड़ा बढ़ गया ।
हाथ मलते मलते राज ठाकरे भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा लिए तथा कांग्रेस को बता दिए की हाथ मिलाये रहो।
नमस्कार।
Tuesday, February 9, 2010
बीते दिन
हालचाल ठीक है न!
इस समय मैं अपने जीवन के सत्तावनवें वर्ष के अंतिम घंटे को जी रहा हूँ । नव फरवरी बीत रही है दस फरवरी का इन्तजार है। एक बढिया गुजरा वर्ष । खुशियों भरा वर्ष। एक सपने के पूरे होने का वर्ष। एक सपने के टूटने का वर्ष।
बेटी प्रियंका की शादी का वर्ष। लोकेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा के चौथे असफल होने का वर्ष। सपने टूटते रहते हैं। नयी आशाएं बनती /बंधती रहती हैं। यही तो जिन्दगी है। यह मेरे ब्लॉग के शुरू होने का वर्ष है। अभी तक तो शायद ही कोई पाठक है। कुछ लिखकर सार्वजनिक तो हो रहा है। अपनी इक्षा तो पूरी होही जाती है। ब्लॉग की यही तो खूबी है।
कभी कभी मन में प्रश्न उठता है ब्लॉग की भी हिन्दी होनी चाहिए। अभी तो हिंदी लिखने के लिए रोमन का सहारा ले रहा हूँ। हिंदी के लिए ही समस्या क्यों होती है। अभी भी रेमिंगटन और रोमन में समस्या हो जाती है। इनस्क्रिप्ट जानने की कोशिश में हूँ अभी तक सफलता नही मिली है।
रोज के विचार लिखित रूप में नहीं आ पा रहें हैं। शायद आगे हो सकेंगे। फिलहाल इस समय वर्षा होरही है।
नमस्कार
Sunday, December 13, 2009
कितने प्रदेश
हालचाल ठीक है न!
भाषा के आधार पर राज्य का गठन अब उचित नहीं लगता है । बंगाल का नक्शा देखें उत्तर बंगाल के लोगों को "कलकत्ता" या "कोलकाता" से क्या लेना देना है। पश्चिम बंगाल के वर्तमान या भावी मुख्यमंत्री केवल दार्जीलिंग के चायकी आय से मतलब रखते हैं वहाँ के गाँवों के लोग क्या सोचते हैं उससे उनका क्या मतलब। राजनैतिक सोच भी यदि विकास के लिए होगी तो उसका परिणाम दूसरा होगा। राजनैतिक दलों में ऐसे राजनेताओं की कमी है जो देशके विकास को वास्तव में सर्वोपरि मानते हैं । वर्त्तमान परिदृश्य तो पैसा, पद और प्रतिष्ठा की लड़ाई का है । देशऔर प्रदेश का विकास गौड़ प्रश्न है । भारत के दुर्भाग्य से भारत के सभी राष्ट्रीय राजनैतिक दल अपने चरित्र काप्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें कोई शर्म भी नहीं है।
इस समय राज्यों के पुनर्गठन की बात मुख्य चर्चा में है। अब यह मीडिया पर है की वह पूरे परिदृश्य को किस और मोड़ देने का प्रयास करती है। उसे भारत विकास अच्छा लगता है या अपने समाचार की कीमत।
नमस्कार
Saturday, December 5, 2009
namaskaar ravis bhaaii
ii angarejii eisan baa ki garadan chhodate naiikhe. tahaar gardaniyaa vaalaa lekh padike bhojapuriye men likh taanii baaki ii angrejii gardan chodate naiikhe. tahaar qasba padhike niiche ke angarejii baancheke parelaa. aa okarii baad post comment aa tab leave your comment. ta jab tuu hindii men likhtaar aa etana badahan aadamii hauaa ta kaahena kuchhu eiisan karataad ki ii kamentao hindie men likhaa sake. ho sakelaa taharii lage ii ckament bancheke samayao na milat hokhe bakir jab likh tad ta kamentao banchal kar. aa ho sake ta kbbo kalhi ke uttaro de dihal kara.
uttar chaahe da chahe mati da baaki hindi padike kament hindi men kaise likhal jaai ii jaruur bataiiha.
je bhii e kament ke banchata o sabase ii binatii baa kii hamaro madad kariin sabhe kii hamahuun hindi men kament chahe aapan baati kahi sakiin.
namaskaar.
Jai Prakash Pathak
December 5, 2009 4:46 PM
