Saturday, January 25, 2014

" मतदाता दिवसः सबको सही मतदाता पहचान पत्र"

नमस्कार!
हालचाल ठीक है बस पता का ठिकाना नहीं है.
चुनाव आयोग चुनाव सुधार और मतदाताओं के पंजी करण के लिये बहुत सा प्रयास करता है. मतदाता पहचान पत्र एक बडी उपलब्धि है.
मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड और निवास प्रमाणपत्र और अब आधार कार्ड तथा पासपोर्ट और तमाम एजेन्सियों द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र सब को एक साथ रख दीजिये तो आदमी का फोटो और पता दोनों की जानकारी करना कठिन और श्रमसाद्ध्य है.
आजकल समेकित और समावेशी शब्द बडे ही प्रचलन में हैं. सरकार के विभिन्न विभाग भिन्न भिन्न तरह की योजनायें बनाते हैं कभी भी उनमें समन्वय करने का प्रयास नहीं करते.
मैं अपनी समस्या के माध्यम से इस समस्या को बताने की कोशिश कर रहा हूं.
२१ जनवरी १९९१ को मैं अपने वर्तमान  आवास में रहने के लिये आया. उसके बाद मतदाता पहचान पत्र बनाने की योजना आयी. लम्बी लाइन और तमाम कठिनाइयों को झेलकर फोटो खिंचवाया. पहचान पत्र नहीं मिल पाया. मताधिकार तो मिल गया. कुछ समय बाद मतदाता पहचान मिल गया है लेकिन पता तो चुनाव आयोग ही समझ सकता है. तबसे अबतक मेरा मकान कई वार्डों का सदस्य बनता रहा है. कई बार सर्वेक्षण हो चुका है लेकिन एक सही मतदाता कार्ड अभी तक नहीं मिल पाया. राजद्लों के नेताओं से कहा, अखबारनवीसों से कहा, सरकारी अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से कहा. सभी कहते हैं आप मतदान तो कर ही लेते हैं तो चिन्ता किस बात की.
दो बार फारम आठ भी भर चुका हूं. चुनाव आयोग के फेसबुक पर भी लिख चुका हूं.
हर दस साल पर जनगणना होती है. उसके पहले गृह गणना होती है. मकान नं., वार्ड नं., विधान सभाई और लोक सभाई क्षेत्र बदलते रहते हैं किन्तु उनके परिवर्तन अलग अलग समय पर होते हैं परिवर्तन के साथ साथ मतदाता सूची और पता में परिवर्तन नहीं हो पाता है.
देवरिया नगर में अभी कुछ दिनों पहले मकान नं का परिवरतन हुआ है, मतदाता सूची का संशोधन हुआ है. राशन कार्ड का हल्ला है. ये तीनों कार्य एक साथ हो जाते तो ये तीन शुद्ध हो जाते. तीनों के विभाग अलग हैं इनमें तालमेल कौन करेगा?
कोई अधिकारी चाहे तो महाविद्यालओं के राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर इसी थीम पर आयोजित करवा कर देवरिया नगर की तमाम सम्स्याओं से नगर को मुक्त करा सकता है. देवरिया नगर में तीन महाविद्यालय हैं और कुल मिलाकर आठ सो से अधिक छात्र/छात्रायें हैं.

आशा करें कि इस समस्या का सही समा धान हो जायेगा.
नमस्कार.

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